गांधीजी ने जब चरखा थमाया तो कपड़े पे हम स्वावलंबी हो गये और मिलो के कपड़े और पूंजीवाद का साम्रज्य हिलने लगा। उनका स्वदेसी स्वावलंबन पे था न कि कोई देश की कम्पनी से रेडीमेड लेने में।
आज सब भाइ ओर बहने अगर जैसे कभी हमने चरखा चलाया था वैसे दंतमंजन पे स्वावलंबी हो जाये तो स्वदेसी राज फिर से आ शकता है।
दंतमंजन कैसे घर मे बनाना है , कुछ बात यहाँ रखता हूं।
- तुलसी टूथ पाउडर
तुलसी की कुछ पत्तियां लेकर सुखा लें। पीस कर एक जार में रख दें। इस पाउडर से रोज ब्रश करें। आप चाहें तो अपनी उंगली इस्तेमाल सकते हैं।
- हल्दी का दंत मंजन
हल्दी का मंजन दांतों के लिए बहुत उपयोगी होता है। मंजन बनाने के लिए हल्दी की गांठ को धीमी आंच पर भूनकर इसे बारीक पीसकर कपड़े से छान लें। अब इसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर सुबह व शाम को भोजन से पूर्व इसका मंजन करें। आपके दांतों से जुड़ी सभी परेशानियां इससे दूर हो जाएंगी।
-काली मिर्च और सोंठ
यह मुंह की दुर्गन्ध को दूर कर दांतों को साफ रखता है। सोंठ, काली मिर्च, पीपर, हरड़, बहेड़ा, आंवला, दालचीनी, तेजपत्र तथा इलायची का बराबर मात्रा में चूर्ण लेकर इसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक तथा तिल का तेल मिलाकर पेस्ट बना लें।
- सरसों के तेल का दंत मंजन
इसे बनाने के लिए 60 मिलीलीटर सरसों के तेल में 5-6 लहसुन की कलियां पीसकर गर्म करें। अब इसमें 30 ग्राम भुनी हुई अजवायन और 15 ग्राम सेंधानमक मिला लें। मंजन तैयार है।
- बादाम के छिलकों का मंजन
बादाम के छिलकों से बना मंजन दांतों को चमकाने के काम आता है। 20 ग्राम बादाम के छिलकों की राख, 20 ग्राम माजूफल, 20 ग्राम सेंधा नमक, 3 ग्राम अजवाइन और 3 ग्राम अफीम सभी को पीसकर महीन पाउडर बना लें।
- मसूर की दाल
दांतों में पीलापन दूर करने के लिए मसूर की दाल काफी लाभदायक है। इसके लिए मसूर की दाल को जलाकर इसकी राख को बारीक पीसकर मंजन बना लें। दिन में दो बार इसका उपयोग करें। दांत साफ और चमकदार होंगे।
- नीम के फायदे
नीम के मंजन से दांत साफ, चमकदार और मजबूत बनते हैं। दांतों में कीड़ा भी नहीं लगता। नीम की टहनी को पत्तियों सहित छाया में सुखाकर आग में जला लें। अब इसकी राख में लौंग मिलाकर पीस लें और दंत मंजन तैयार है।
- तेजपत्ते का दंतमंजन
तेजपत्ता दांतों पर जमे पीले और काले रंग के मैल को खत्म कर दांतों को साफ तथा चमकदार बनाता है। इसको बनाने के लिए तेजपत्ता को बारीक पीसकर उसमें थोड़ी सी पिसी हुई हल्दी और 5 ग्राम भुनी हुई फिटकरी को बारीक पीसकर मिला दें। रोज यह मंजन करके देखें, दांत चमक उठेंगे।
हा पर दुनिया का सबसे बड़ा जुठ मत बोलना अपने आपसे की समय नही है।बोलना की करने की इच्छा नही है क्योंकि टीवी देखना है, क्रिकेट देखना है ओर पूंजीवाद को मजबूत बनाना है।
इसमे से मैने काफी किया है, में कई साल से टूथपेस्ट नही करता ओर ऐसे कई चीज़ों में हम स्वनिर्भर होके मार्किट इकोनॉमी को चुनोती दे शकते है जिसमे अमीर अमीर होता जा रहे है, पैसा सब के केंद्र में होके पूरी अर्थव्यवस्था नियंत्रित होती जा रही है।
ओर कोनसी चीज़ों में हम स्वनिर्भर हो शकते है तो खुद का इलाज काफी हद तक घरेलू नुस्खे से कर शकते है जो मेने भी किया है और सफल भी रहा हु। क्योंकि कई डॉक्टर का कहना है कि मॉडर्न मेडिकल सिस्टम एक बिज़नस बन चुका है जिसमे आपके हेल्थ से नही पेसो से मतलब है।
ज्यादातर चीज़े घर मे बनाना जैसे मुल्तानी मिट्टी या चने के आटे से नहाना, घी घर पे ही बनाना, छाछ घर पे ही बनाना, दही घर पे बनाना, खाने की ज्यादातर चीज़े घर पे ही बनाना जिसमे मिलावट न हो और शुद्धता ऐसी की ऐसी रहे।
इससे आगे और भी अपनी जरूरत के मुताबिक चीज़ों पे खुद करने की। जरूरत की चीज़ सारी हो सकती है इच्छा ओ की नही ओर इच्छा दुख देंगे तो अपनी जरूरत समझ ले, स्वावलंबी जितने उतने हो शके।
जब खुद बनाएंगे तो एक कला भी विकसित होगी जो एक अलग सा आनंद होता है जो आप अनुभव कर सकते हो। में वर्णन नही कर सकता क्योंकि मेने वह अनुभव किया है। एक छोटा सा उदाहरण दे सकता हु की में पहले अपने ब्लॉग पे रेडीमेड चित्र का उपयोग करता था पर जब मैने बनाने शुरू किये तो एक कला निखरी ओर उसका आनंद शब्दो मे नही कोई मोल नही दे सकता।
आप भी अपने लेवल पे जितना ज्यादा हो शके उतना कर शकते। क्योंकि यह सिस्टम में हर कोई फसा है तो 100 प्रतिशत तो नही पर अपने लेवल पे जितना स्वावलंबी हो उतना खुद के लिये, समाज के लिये अच्छा और देश एवम दुनिया के भी अच्छा।